Sunday, August 28, 2022

सब छूट गइल पीछे कुछ साथ चलत नइखे

भोजपुरी 

सब छूट गइल पीछे कुछ साथ चलत नइखे
जिनगी के सफर तब्बो हमनी से कटत नइखे

जब प्यार भइल पहिला तब नौकरी ना र हे 
अब काम बा एतना की दिल प्यार करत नइखे

उनका से बिछड़ला के दुख कांट नीयर बाटे
धंसल बा करेजा में आ दर्द घटत नइखे

बचपन में बिना पइसा मेला में मजा आ वे 
अब उहे खुशी कहिंयो पइसा से मिलत नइखे

माई के फिकिर बाबू भूखे बा की खइले बा 
बाबू जी के चिन्ता की ई लईका पढ़त नइखे

मतलब के जमाना में इ हाल बा रिस्तन के 
भाई के मुसीबत में, भाई ही सटत नइखे

एक दोसरे खातिर प्रीत अब केकरे हिया में बा
ए गाछ प कवनो फल अब काहे फरत नइखे

जल भूमी हवा जंगल हर चीज के खा के भी 
हमनी के जरूरत के ई भूख मरत नइखे

राजीव कुमार

No comments:

Post a Comment

सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे ।

ग़ज़ल सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे । आशिक वही जो दर्द में डूबा दिखाई दे जिसको यकीं नहीं है महब्बत में उसे भी मोहन के साथ ख़्वा...