Thursday, June 30, 2022

गीत काहें मन बइठल बाटे

काहें मन बइठल बाटे 
कइसे दिल टूटल बाटे
काहें इ किस्मत आखिर 
तोहरा से रूठल बाटे 

दिल के लगा ल हमसे 
हमके चोरा हमसे 
हमरे आखीं मे दे ख 
सब कुछ बता द हमसे 
सब भुला के आजा प्यार क रे के 
जान से भी ज्यादा प्यार क रे के 

दरिया के धारा हटे
कवनो किनारा हटे
जिनगी ई जिनगी ना ह 
टूटल सितारा हटे 

रात अजोरा रही 
नश्शा भी पूरा रही 
तहार कवनो ना इंहवा 
चाहत अधूरा रही 
सब भुला के आजा प्यार क रे के 
जान से भी ज्यादा प्यार क रे के 

सांस रही जहिया ले
दुखो रही तहिया ले
केतना जी आजिज होई
अउरी होई कहिया ले 

माचिस लगा द गम के 
लगे बोलाल हम के
चाहत के सावन में अब
बिजली चमके त चमके

सब भुला के आजा प्यार क रे के 
जान से भी ज्यादा प्यार क रे के 

राजीव कुमार

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