Saturday, February 27, 2021

भोजपुरी गीत प्यार करके निभाये के पङी

 प्यार करके निभाये के पङी 

खुद के अइसन बनाये के पङी

केतनो मुश्किल रही राह लेकिन 

चल के मीले के आये के पङी


M

सांस  ह  चाह  ह  जिन्दगी ह 

प्यार हमनी के खातिर खुशी ह

F

याद रखिह जमाना के खातिर 

आशिकी जुर्म ह दुश्मनी ह

M+F

जख्म हस हस के खाये के पङी 

प्यार करके निभाये के पङी


F

जेतना  होला सवेरे उजाला 

ओतने जीवन में तोहरा से बाटे 

M

रात रानी के खुशबू के जइसे

खुशबू जीवन में तोहरा से बाटे

F+M

जिन्दगी के सजाये के पङी 

प्यार करके निभाये के पङी


F

जान रहे न रहे बदन में 

फिर भी रह ब तुही हमरे मन में  

M

हमरे खातिर तू ही जान हऊ

हमरे जीवन के अभिमान हऊ

M+F

मर के भी लौट आये के पङी 

प्यार करके निभाये के पङी 


राजीव कुमार

Friday, February 26, 2021

हुस्न रंगत जुल्फ शोखी नाज ओ नखरा देखकर।


ग़ज़ल


हुस्न रंगत जुल्फ शोखी नाज ओ नखरा देखकर।

छू के देखूं दिल में रख लूं तुझको चाहा देखकर।


रौशनी अब रात भर छत पर ही रहती हे मिरे।

चांद रुक जाता है हर शब तेरा चेहरा देखकर।


सबनमी होती है उस दिन की सुबह ए जानेजा

जागता हुं नीद से जब ख्वाब तेरा देखकर


खूब रोती हैं लिपट कर हमसे अब तनहाईयां।

थक गयीं हैं ये बेचारी तेरा रस्ता देखकर।


राजीव कुमार

हजार मुश्किल हर एक गम के बस एगो हल ह तोहार चेहरा।

 भोजपुरी ग़ज़ल 

हजार मुश्किल हर एक गम के बस एगो हल ह तोहार चेहरा।
हमार जीवन में सबसे ज्यादा खुशी के पल ह  तोहार चेहरा।

हसीन मौसम  फिजा के  रंगत   हर   एक   तोहरे  से मेल खाला।
ई सब नकल  ह  हमार मा न त बस असल  ह तोहार चेहरा।

हवा के ठंडक  नियर  बुझाये  कि जब भी सपना तोहार आये ।
ए गर्म  मौसम  में  सच  कही   त  हवा महल ह तोहार चेहरा।

कभी जे देखबू त जान जइबू न फूल कौनो न कौनो गुलसन।
हमार  आखीं  के  पोखरी  में  हसीं  कमल  ह  तोहार  चेहरा।

नजर  झुकावल ,  तोहार  हसल इ  सब  अदा  से कबो-कबो त।
इ शक  उठे  ला कि  जइसे कवनो हसीन छल ह तोहार चेहरा।

बस इ दुआ बा कि हर जनम में इहे तू बोला ईहे  कही हम
तहार   बल  ह हमार   चेहरा   हमार   बल  ह   तोहार चेहरा

राजीव कुमार

 

हज़ार मुश्किल हर एक गम का बस एक हल है तुम्हारा चेहरा।

 हिन्दी में


हज़ार मुश्किल हर एक गम का बस एक हल है तुम्हारा चेहरा।
हमारे जीवन में सबसे ज्यादा ख़ुशी का पल है तुम्हारा चेहरा।

हसीन मौसम बहार रंगत हर एक तुमसे ही मेल खाता।
ये सब नकल हैं हमारी मानो तो बस असल है तुम्हारा चेहरा।

हवा के जैसे  लगे है शीतल कि जब भी आये तुम्हारा सपना।
ये गर्म मौसम में सच कहूँ तो हवा महल है तुम्हारा चेहरा।

कभी जो देखो  तो गौर करना  न फूल कोई न कोई गुलशन।
हमारी आँखों की झील में एक हसीं कमल है तुम्हारा चेहरा।

नज़र झुकाना  तुम्हारा हँसना इन्हीं  अदाओ  से दिल में अक्सर 
 ये शक है उठता कि जैसे कोई हसीन छल है तुम्हारा चेहरा।

यही  दुआ है कि हर जनम में ये तुम भी बोलो ये हम भी बोलें
तुम्हारा बल है हमारा चेहरा हमारा बल है तुम्हारा चेहरा।

राजीव कुमार

Monday, February 8, 2021

बात दिल में रोकात नईखे अब।

 भोजपुरी ग़ज़ल 


बात  दिल  में   रोकात नईखे अब।

मुह  से  लेकिन बोलात नईखे अब।


झुठ    धोखा     फरेब     बरियाई।

हमसे   कौनो   सहात   नईखे अब।


रोज  वाट्स  अप पे  मीम भेजेला।

चाहे   लईका  कमात  नईखे  अब।


बात   पर   बात     रोज   होखेला।

बात फिर    भी ओरात नईखे अब।


तीनों   टाईम    ए    देश   में  काहे।

केहू  बढ़ीयां   से  खात नईखे अब।


भूख     बेकारी      सम्प्रदायिकता।

कुछ भी  इहंवा से जात नईखे अब।


रेप    हत्या       डकैती      पेपर में।

आखिर   काहे  लिखात नईखे अब।


अउर   सम्मान    मत  दs हमरा के।

हमरे   दिल   में   समात नईखे अब।


सांच  बो लs  तsरs  त बोलs पर।

सांच  कहिंयो   सुनात   नईखे अब।

 

राजीव कुमार

जेकरे भीतर गुमान हो जाला

 भोजपुरी ग़ज़ल 


घाव    जेतना   पुरान  हो जाला 

दर्द   ओतने  जवान   हो  जाला 


जेकरे   भीतर   गुमान हो जाला

झूठ  ओकर   बयान   हो जाला 


पइसा पदवी ठसक अकड़ पावर

एक दिन सब  जियान हो जाला


ए किसानन   के  नाम   पर काहें  

बंद    सबके  जबान   हो  जाला


न्याय   मांगे   में   अउर  पावे  में 

यार  आफत   मे  जान हो जाला


कहियो  आ  व देखा  दी खेते मे

कइसे  कीचड़  में  धान हो जाला


खाली बोली से कुछ न होला बस

सूने   वाला    हरान   हो    जाला


खाला ठोकर जे ओके ओतने ही

दुनियादारी   के   ज्ञान  हो जाला


 प्रेम  दिल  में रहे त हर मुश्किल 

हसते-हसते   निदान   हो  जाला


राजीव कुमार

जेकरा भीतर डर बइठल बा

 भोजपूरी ग़ज़ल


जेकरा भीतर डर  बइठल बा

 उहे नेवा के सर  बइठल बा 


ए  धरती  के  ऊपर  कब से

दे खअ ना अम्बर बइठल बा


के का करी  देश  के खातिर

सब केहू जब घर बइठल बा


हमरे  भीतर  के  ऊ लईका

आजो ले ममहर बइठलबा


ए बाबू  हम्मन  के  किस्मत

जाने कौन शहर बइठल बा


महल  में  तू त   बा ड़ लेकिन 

लोग   इहां  बेघर   बइठल बा 


दू कौङी  के  जान  के खातिर

खोल के ऊ दफ्तर बइठल बा 


जनता  से  ज्यादा के इहवा

अतना ताकतवर बइठल बा?


राजीव कुमार

जे भी जहंवा बा ऊ ठहर जाई

 भोजपुरी ग़ज़ल 


जे भी जहंवा बा  ऊ  ठहर जाई 

एक  दिन  जिन्दगी  गुजर  जाई


देह से प्यार  एतना  मत कSरS

देह   मरी   त  प्यार   मर   जाई


होई    तब्बे   खुशी  के अंदाजा 

आंख   में  लोर  जब उतर जाई


साथ   जायेके   बा  महब्बत में

ले  के  जहंवा  ले ई  डगर जाई


जान   जाई   त  जाई  इहवां से 

एकहूं   आदमी    ना   घर जाई


हार  जायेंम  जे  हमरे  गउंवा के 

कौनो बच्चा भी तोहसे डर जाई


ई भगत सिंह के  देश  ह  इहंवा 

मौत   से  जिन्दगी  संवर   जाई 


राजीव कुमार

सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे ।

ग़ज़ल सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे । आशिक वही जो दर्द में डूबा दिखाई दे जिसको यकीं नहीं है महब्बत में उसे भी मोहन के साथ ख़्वा...