Tuesday, July 31, 2018

मेरे ख्वाबों में मेरे साथ में तुम

मेरे ख्वाबों में मेरे साथ में तुम
देखना जग के आज रात में तुम

मेरा मुझमें बचा नही कुछ भी
ऐसे शामिल हो मेरी जात में तुम

मुझको अपना लिया मेरे गम ने
रह गये तन्हा इस हयात में तुम

बेवफा हो के बा वफा बनना।
हमसे बेहतर हो तजरबात में तुम।

मेरे जाने के बाद पाओगे
देखना खुद को मुश्किलात में तुम।

राजीव कुमार

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