फिलबदीह
मेरे गम नहीं मुझको तन्हा करेंगे
ये हर हाल में साथ मेरे रहेंगे
ये हर हाल में साथ मेरे रहेंगे
जूदा हो गये आप ये जान कर भी
बिना आप के हम नहीं जी सकेंगे
बिना आप के हम नहीं जी सकेंगे
हवा की खिलाफत हैं आज सारे।
दिये अम्न के ऐसे कैसे जलेंगे
दिये अम्न के ऐसे कैसे जलेंगे
वफा या जफा तुम जो चाहो वो कर लो
मुहब्बत मेरी जां तुम्ही से करेगे।
मुहब्बत मेरी जां तुम्ही से करेगे।
कोई न कोई गम हर इक शक्स को है।
कहां तक हम हर हाल में खुश रहेंगे
कहां तक हम हर हाल में खुश रहेंगे
राजीव कुमार
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