सिवा तेरे जहां में दूसरा हो ही नहीं सकता
कोई इन्सां कभी मेरा खुदा हो ही नहीं सकता।
कोई इन्सां कभी मेरा खुदा हो ही नहीं सकता।
मुहब्बत मौत मंजिल क्या तुझे मैं खो के पाउंगा।
किसी भी हाल में ये फैसला हो ही नहीं सकता।
किसी भी हाल में ये फैसला हो ही नहीं सकता।
ये दुनियां छोङ जाउंगा यकीनन एक दिन मैं भी।
मगर ता जिन्दगी तुझसे जुदा हो ही नहीं सकता ।
मगर ता जिन्दगी तुझसे जुदा हो ही नहीं सकता ।
राजीव कुमार
No comments:
Post a Comment