Saturday, December 5, 2015

सिवा तेरे जहां में दूसरा हो ही नहीं सकता

सिवा तेरे जहां में दूसरा हो ही नहीं सकता
कोई इन्सां कभी मेरा खुदा हो ही नहीं सकता।
मुहब्बत मौत मंजिल क्या तुझे मैं खो के पाउंगा।
किसी भी हाल में ये फैसला हो ही नहीं सकता।
ये दुनियां छोङ जाउंगा यकीनन एक दिन मैं भी।
मगर ता जिन्दगी तुझसे जुदा हो ही नहीं सकता ।
राजीव कुमार

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