जो खुद के वास्ते रहबर बनुंगा।
गुलामी के लिये खंजर बनुगा।
गुलामी के लिये खंजर बनुगा।
रकीबों गर हुआ तो होगा ये भी।
तुम्हारे कल्ब में नश्तर बनुंगा ।
तुम्हारे कल्ब में नश्तर बनुंगा ।
तेरे दिल के मकां में जाने जाना ।
मैं ही दीवार मैं ही दर बनुंगा ।
मैं ही दीवार मैं ही दर बनुंगा ।
राजीव
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