Wednesday, September 16, 2015

चांद सितारों वाला मंजर धोखा है

चांद सितारों वाला मंजर धोखा है
इश्क तो बाबू एक भयंकर धोखा है
जुल्फ अदायें हुस्न नजाकत तो हैं ही।
आंखों का वो झील समंदर धोखा है
दिलकश चहरे महंगे कपङे वालों के
बेटा देखो जिस्म के अंदर धोखा है।
प्याज अकङ के आज कह रहा है यारों
गाजर मूली और चुकंदर धोखा है।
उम्र के आखिरी हिस्से में मालूम हुआ।
जीवन भी तो एक निरंतर धोखा है।
राजीव कुमार

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