दोस्तों पेश है गीत_________
क्युं तू अन्जाम की परवाह किया करता है.
इश्क मरता नहीं इन्सांन मरा करता है।
ये हकीकत है कि ये दौर गुजर जायेंगे
हम भी तारीख के पन्नों से उतर जायेंगे
कोई जब इश्क की नजरों से कहीं देखेगा
उसकी यादों के झरोंखों मे नजर आयेगे।
बेसबब दिल भी तेरा युँ ही डरा करता है
इश्क मरता नहीं इन्सांन मरा करता है।
क्युं तू अन्जाम की परवाह किया करता है.
इश्क मरता नहीं इन्सांन मरा करता है।
राजीव कुमार
क्युं तू अन्जाम की परवाह किया करता है.
इश्क मरता नहीं इन्सांन मरा करता है।
ये हकीकत है कि ये दौर गुजर जायेंगे
हम भी तारीख के पन्नों से उतर जायेंगे
कोई जब इश्क की नजरों से कहीं देखेगा
उसकी यादों के झरोंखों मे नजर आयेगे।
बेसबब दिल भी तेरा युँ ही डरा करता है
इश्क मरता नहीं इन्सांन मरा करता है।
क्युं तू अन्जाम की परवाह किया करता है.
इश्क मरता नहीं इन्सांन मरा करता है।
राजीव कुमार
No comments:
Post a Comment