Wednesday, January 1, 2014

मैं अच्छा हूँ अच्छाई हूँ, बुरा हूँ मैं बुराई हूँ

मैं अच्छा हूँ अच्छाई हूँ
बुरा हूँ मैं बुराई हूँ
मैं सच के साथ झूठा हूँ
मैं सच्चा हूँ सच्चाई हूँ,

मेरा ईमान कच्चा  है,
हर इक इंसान बच्चा है/
मेरा  मजहब नहीं कोई ,
मैं हिन्दू  हूँ  ईसाई हूँ /

दवा हूँ सब मरीजों का,
मैं दारु हूँ रहीसों  का/
किसी का जिस्म भी हूँ मैं,
मैं दिल भी हूँ दुहाई हूँ/

कही गुमनाम भी हूँ मैं ,
कहीं बदनाम भी हूँ मैं /
नहीं सैतान है मुझसा,
मैं कातिल हूँ कसाई हूँ/

सभी का इश्क़ भी हूँ मैं
वफ़ा मुझसे ही है सबको/
मगर अंजाम मेरा है ,
मोहब्बत हूँ जुदाई हूँ

सलाखो में पड़ा हूँ मैं,
निगाहों में गड़ा हूँ मैं /
नहीं मालूम है उनको
मैं कैदी हूँ रिहाई हूँ

मैं पैसा हूँ मैं दौलत हूँ,
मैं चाहत मैं ही सोहरत हूँ
ज़माने का हक़ीक़त हूँ
खुसामद हूँ अकीकत हूँ

© राजीव कुमार

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