हर इक बंदा फसादी हो गया है।
तुम्हारा लव है होली काउ लेकिन
हमारा लव जेहादी हो गया है
खुली है जब से सारी पोल पट्टी
सभी का खून पानी हो गया है
वो घर रहते थे अस्सी लोग जिसमें
इलेक्शन बाद खाली हो गया है
हकीकत सामने आते ही देखो
भगोना भी कटोरी हो गया है
यकीं तुम पर कोई अब क्युं करेगा
यहां हर एक बागी हो गया है
जिसे डेमोक्रेसी कहती है दुनिया
अब उसका जिस्म मिट्टी हो गया है
मेरे सरकार दुल्हे बन गये हैं
कभीशन उनकी घोड़ी हो गया है
कहां इसकी रपट जा कर लिखायें
हमारा वोट चोरी हो गया है
रविश कुमार
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