ग़ज़ल
पहले पहल मुसीबत हमला करती है
फिर देखो ये हिम्मत क्या क्या करती है
अपनी मेहनत से जो राह बनाते हैं
उनके आगे किस्मत सजदा करती है
चोरी चुपके इश्क किया हमने फिर भी
बात हमारी सारी दुनिया करती है
बस ये सोच के मैंने उसको माफ किया
नफरत सिर्फ अजीयत पैदा करती है
जंगल हो या सोने की लंका यारो
आग से हर इक शय जल जाया करती है
वनवासी जो राजा बनता है उसकी
दुनिया युगों युगों तक पूजा करती है
राजीव कुमार 🙏🏻❤️
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