भोजपुरी ग़ज़ल
बाजी कहां बा अब इहां रानी के हाथ में
अब खेल आ गइल बा अडानी के हाथ में
जी जान से हर रोल निभवला के बाद भी
नाटक के जान बाटे कहानी के हाथ में
अंखिया के अन्जुरी में बचावल ना गईल त
हमनी के प्यास मर जा ई पानी के हाथ में
जे तीर बन के उड़ रहल बा उनकरो उड़ान
हर दम गुलाम रsही कमानी के हाथ में
बदलाव तबले आ ई ना लोगन के सोच में
जबले ना देश आई जवानी के हाथ में
उनकर दिहल हर एक घाव अबले देह पर
रखले बानी जतन से निशानी के हाथ में
तोहके अगर उड़ाए के बा प्रेम के पतंग
तs डोर दिल के दे दs रवानी के हाथ में
राजीव कुमार
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