खुश्बू का लुत्फ लीजीये मौसम के साथ साथ
गांधी को बात कीजीये गौतम के साथ साथ
अपने हको हकूक को पाना है तो हूजूर
आवाज भी उठाईये परचम के साथ साथ
सारे गुलाम बन गये इक्का तो देखना
रोयेगा बादशाह भी बेगम के साथ साथ
दिलवर की याद आये तो गजलो को गाईये
जख्मों के नाम लीजीये मरहम के साथ साथ
अब तक की जिन्दगी का यही फलस्फा है के
लूडो का खेल खेलिये कैरम के साथ साथ
असलम के साथ दोस्ती राजीव की ए दोस्त
दिखती है जैसे रौशनी शबनम के साथ साथ
राजीव कुमार
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