Monday, September 5, 2022

खुश्बू का लुत्फ लीजीये मौसम के साथ साथ

खुश्बू का लुत्फ लीजीये मौसम के साथ साथ
गांधी को बात  कीजीये  गौतम के साथ साथ

अपने   हको   हकूक  को  पाना  है तो हूजूर 
आवाज  भी  उठाईये  परचम  के साथ साथ

सारे  गुलाम   बन  गये   इक्का  तो   देखना 
रोयेगा  बादशाह  भी  बेगम  के  साथ साथ

दिलवर की याद आये तो गजलो को गाईये 
जख्मों के नाम लीजीये मरहम के साथ साथ

अब तक की जिन्दगी का यही फलस्फा है के
लूडो का खेल खेलिये कैरम के साथ साथ

असलम के साथ दोस्ती राजीव की ए दोस्त
दिखती है जैसे रौशनी शबनम के साथ साथ

राजीव कुमार

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