Tuesday, July 31, 2018

मेरे ख्वाबों में मेरे साथ में तुम

मेरे ख्वाबों में मेरे साथ में तुम
देखना जग के आज रात में तुम

मेरा मुझमें बचा नही कुछ भी
ऐसे शामिल हो मेरी जात में तुम

मुझको अपना लिया मेरे गम ने
रह गये तन्हा इस हयात में तुम

बेवफा हो के बा वफा बनना।
हमसे बेहतर हो तजरबात में तुम।

मेरे जाने के बाद पाओगे
देखना खुद को मुश्किलात में तुम।

राजीव कुमार

हवा उसका बदन सहला रही है

गजल

हवा उसका बदन सहला रही है
कोई आंधी अभी सुस्ता रही है

फलक पर बिजलियां आ जा रहीं हैं
जमी ये देख कर घबरा रही है

ये कैसी भूख है इस जिन्दगी की
सभी का जिस्म खाये जा रही है

दिलों के बीच क्युं इस मुल्क में अब
कोई दीवार उठती जा रही है

बहुत बदनाम है ये मौत लेकिन।
शहीदों के लिये तोहफा रही है।

नहीं हासिल हुआ सच बोल कर कुछ
ये दुनिया सच को अब झुठला रही है

हमारे दिल में भी उल्फत है लेकिन
जिसे देखो वही ठुकरा रही है।

मेरे ख्वाबों में वो हर रोज आ कर।
मेरी नींदों को  खाये जा रही है

राजीव कुमार

दर्द भीतर से आये लागल बा।

भोजपूरी ग़ज़ल 💕

दर्द भीतर से आये लागल बा।
आह दिल के सुनाये लागल बा

हमके लागता आज कल हमके।
केहू हमसे चुराये लागल बा।

प्यार कइनी त जान गइनी हम।
केहू हमके सताये लागल बा ।

गांव के छोड़ देहनी हम लेकिन।
गांव हमके बुलाये लागल बा।

बात दिल के रोकात नइखे अब।
बात मूहे ले आये लागल बा।

रात तोहरा के देख के बिहने।
ईद सभे मनाये लागल बा।

राजीव कुमार

करोगे मुझ से शादी तो तुम्हे खुश हाल कर दुंगी

Kalicharan Singh  जी एवं नज़्म सुभाष जी   की महिला मित्र के जन्म दिन पर
हजल

करोगे मुझ से शादी तो तुम्हे खुश हाल कर दुंगी
मगर अब कहती है सर से तुम्हे बे बाल कर दूंगी
🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣

वो जो कहती थी तुमको हर खुशी दुंगी मेरे जानूं
असल में इसका मतलब था तुम्हे कंगाल कर दूंगी
😭😭😭😭😭😭😭😭😭

लगा के अपने होठों से अरे ओ लखनऊ तुझको।
दहकती जून की गर्मी में नैनीताल कर दूंगी
😘😘😘😘

नहीं बोला किसी ने मुझको हैप्पी बर्थ डे तो फिर।
मै खुद को उसकी खातिर जी का इक जंजाल कर दूंगी

🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣

अरे काली चरन जी आप गर सुधरे नहीं तो फिर ।
किसी दिन आप का बांदा जिला बंगाल कर दूंगी ।

🤣🤣🤣🤣🤣🤣

राजीव कुमार

सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे ।

ग़ज़ल सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे । आशिक वही जो दर्द में डूबा दिखाई दे जिसको यकीं नहीं है महब्बत में उसे भी मोहन के साथ ख़्वा...