Sunday, February 9, 2014

न तुझे मिला, न मुझे मिला/

रहा गर्दिशों, में ये काफिला,
न रुका कभी, भी ये सिलसिला
मेरे दिल बता, है सुकूं कहाँ,
न तुझे मिला, न मुझे मिला/

ये तेरा मिज़ाज़, था इश्क़ का
तेरी दिललगी, थी नहीं कोई
तेरा हुस्नो इश्क़, का फैसला
तुझे क्या मिला, मुझे क्या मिला

जरा देख तो कि, हुआ है क्या
जरा सोच तुझमे, बचा है क्या
जो बसा था तुझमे, वो खो गया
न तुझे मिला, न मुझे मिला

मुझे उनसे, कोई गिला नहीं
वो चले गए, तो यही सही,
तेरी आशिक़ी, मेरा हौसला
न तुझे मिला, न मुझे मिला

_______राजीव कुमार

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