Sunday, January 21, 2024

भोजपुरी गीत वैकुंठ में श्रीराम

वैकुंठ में एक दिन राम जी से 
लक्षमण जी पूछ रहल बानी
का बात बा सोच रहल बानी
काहे गुमशुम बइठल बानी 

वनवास हमन के कट गइल 
हमनी के काम निपट गइल
हर एक बुराई मर गइल 
रावण के लंका जर गइल 
बाली के बाजा बाज गइल 
सुग्रीव के माथे ताज गइल
अन्याय से मुक्ति मिल गइल 
लव कुश के गद्दी मिल गइल 
अब नर बानर में एका बा 
हर ओर राम के रेखा बा
हर ऋषि मुनि में शक्ति बा 
हर ओर आप के भक्ति बा 
तब्बो चुप बइठ गइल बानी 
का बात बा सोच रहल बानी

ई सुन के थोड़ी देर के बाद 
धरती प्रभु राम के आइल याद
ए लखन जहां पर युद्ध भइल
उंहवा न भइल के हू आबाद

हर युद्ध में जीत पूरूष जाला 
हर युद्ध में औरत हारे ले 
हमनी के जब वनवास भइल
तब दे ख का संत्रास भइल 
सम्मान बाप के जीत गइल
माई के ममता हार गइल
तू प्रेम भाई के जित ल पर
तहके उर्मिला हार गइल
आ भरत खड़ाऊ जीत गइल
त भरत के माई हार गइल

वनवास में आइल किष्किन्धा
उ बात अभी ले दिल में बा 
बाली सुग्रीव के झगड़ा से
बाली के तीर से मरला‌ से
केहू के आखिर का मीलल
बेवा तारा के होखला से
सुग्रीव के जीत त मिल गइल
पर तारा सब कुछ हार गइल
ए लखन बता द झगड़ा से 
कहंवा सबके उद्धार भइल

लंका के युद्ध में का भइल
के जीत गइल के हार गइल
इस सच सुलोचना से पू छ
पू छ लंका के रानी से
 जे कर परिवार उजर गइल
 ओकरे परिवार के स्वामी से 

कुछ देर के जीत के सुख होला 
पर हार के हर दम दुख होला 
हम सोच रहल बानी इ बात
का हाल होई ओ माई के 
जेकर हर लइका मर गइल
का हाल होई ओ पत्नी के 
जेकर सिंदूर उजर गइल 
केतना निर्दोष जवानन के
घर में मनहूसी पसर गइल
बेटी के शादी बाकी बा
लइका के पढ़ाई बाकी बा 
रावण से युद्ध खतम भइल 
जिनगी के लडा़ई बाकी बा

वैकुंठ में एक दिन राम जी से 
लक्षमण जी पूछ रहल बानी
का बात बा सोच रहल बानी
काहे गुमशुम बइठल बानी

Wednesday, January 17, 2024

वही सी एम वही पी एम वही हैं सी जे आई भी

नये साल की शुभकामना ग़ज़ल 🙂🥰❤️

वही सी एम वही पी एम वही हैं सी जे आई भी
विधायक भी वही हैं और विधायक जी का भाई भी

वही एम पी वही डी एम कमिश्नर भी वही सब हैं
वही सी ई सी हैं अपने वही है सी बी आई भी 

वही गढ़वाल है अपना वही अपना कुमाऊं है 
वही अपने पहाड़ी हैं वही अपनी तराई भी

वही लफड़े वही झगड़े वही हिंदू वही मुस्लिम 
वही थाना‌ पुलिस अपने वही कोरट लड़ाई भी 

वही खबरें‌ वही चैनल वही अखबार‌ वो ही हम
वही जनता वही बकरी वही यारों कसाई भी

वही दुनिया वही रस्में वही किस्से वही बातें 
सिलेंडर भी वही है और वही सब्जी कढ़ाई भी

वही गन्ना वही पानी वही मिल है वही चीनी
वही खेती वही मंडी वही अपनी कमाई भी

वही लड़की वही अशिक वही कानून वो ही जुर्म
वही पार्टी वही वर्कर खुदा वो ही खुदाई भी

किताबें भी वही होंगी वही स्कूत भी अपने
वही रोजी वही रोटी वही बिस्तर रजाई भी

वही पेट्रोल डीजल है वही आटा है चावल है
वही है दूध की कीमत वही अपनी दवाई भी

वही है नौकरी अपनी वही डीमांड भी घर की 
वही जोरु की किच किच है वही जोरु का भाई भी

नया ये साल है लेकिन नया कुछ भी नहीं इसमें
वही अपनी दुहाई है वही जग की बुराई भी

राजीव कुमार

एगो रानी आ राजा के कहानी ना अयोध्या ह

भोजपुरी ग़ज़ल में अयोध्या जी (साल के पहिला ग़ज़ल)

एगो रानी आ राजा के कहानी ना अयोध्या ह
खाली मंदिर शिवाला के कहानी ना अयोध्या ह

अयोध्या के कहानी खुद से लड़ के जग के जीतल ह
केहू से युद्ध लड़ला के कहानी ना अयोध्या ह

भुला के दुश्मनी सम्मान दुश्मन के दिहल जाला 
हमेशा तीर मरला के कहानी ना अयोध्या ह

केहू के प्रेम में शिव के धनुषवा तूरला के ह 
धनुष से मार देला के कहानी ना अयोध्या ह

एगो भाई के खातिर भाई आपन सब लुटा देला 
सिंहासन देला लेला के कहानी ना अयोध्या ह

भरत के सादगी बाटे त भक्ति बा विभीषण के
खाली लंका जरवला के कहानी ना अयोध्या ह

अहम रावण के लंका के कहानी ह जवन मूवल
बाकिर केहू के मरला के कहानी ना अयोध्या ह

एमें शबरी माई बाड़ी एमें केवट के भक्ती बा
इ खाली राम सीता के कहानी ना अयोध्या ह

ए में पर्वत गरुण बानर हिरन नदिया समंदर बा
ए बाबू बस अयोध्या के कहानी ना अयोध्या ह

समर्पण त्याग तप भक्ती भलाई प्रेम यारी ह 
लड़ाई द्वेष कइला के कहानी ना अयोध्या ह

राजीव कुमार

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वनवास राम के कट गइल

भोजपुरी गीत/ ग़ज़ल

वनवास राम के कट गइल 
सीता के परिक्षा बाकी बा
हे अवध के राजा अजुवो ले 
माई के समस्या बाकी बा

जे दुख में तहरे साथ रहल 
जे हर रस्ता पर साथ चलल
ओ पतिव्रता के जंगल में 
अभियो ले तपस्या बाकी बा

दुनिया के प्रेम त पा गइनी 
पर ई बतलाईं राजा जी
लवकुश के जिनिगीया में काहे 
पापा के सनेहिया बाकी बा

जब पति बने के बेर रहे 
तब राजा रउंवा बन गइनी
हर जनम में साथ निभवला के 
रउरे परतिज्ञा बाकी बा

ई प्रश्न करेजा में जब तब 
हमनी के दर्द बढ़ावे ला 
भगवान के मन में काहे ला
 देवी पर शंका बाकी बा

सब खुश बा रउरे अइला से 
ओहू में सबसे ज्यादा खुश 
शम्बुक जी बांड़ें जेकर रउरे
कोर्ट में केसिया बाकी बा

जग जीत के आपन सगरो सुख
 भगवान जी अइसे हरलन की
बा देह महल में पर उनके 
मनवा में कुटिया बाकी बा 

राजीव कुमार

सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे ।

ग़ज़ल सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे । आशिक वही जो दर्द में डूबा दिखाई दे जिसको यकीं नहीं है महब्बत में उसे भी मोहन के साथ ख़्वा...