Saturday, September 9, 2023

दुनिया त मिल गइल बा मगर दर नाहीं मिलल

भोजपुरी ग़ज़ल 

दुनिया त मिल गइल बा मगर दर नाहीं मिलल
घर छोड़ला के बाद कबो घर नाही मिलल

एक दोसरा के चाह में जिनकी कटल मगर 
दिल के जमीं से प्रेम के अम्बर नाहीं मिलल

रास्ता में कींच पांक कांट सब मिलल मगर 
मंजिल हमन के आज ले मनगर नाहीं मिलल 

शोहरत के आसमान लेके का करल जा ई 
जिनगी में जब सकून के सागर नाहीं मिलल

दुनिया में ओके रुउवां कइसे जोह लेम जी 
जे आप के ही आप के भीतर नाहीं मिलल 

मुश्किल बा जीत हमरा के तब्बो लड़े के बा 
मन में त ई ना आई कि अवसर नाहीं मिलल 

ई का जुलम ना ह कि रउंवा हमरे सामने 
रो रो के ई कहेनीं कि दिलबर नाहीं मिलल 

ताकत के दम पs प्रेम मिटा दे बs जहां से 
लागत बा तोहके प्रेम के जांगर नाहीं मिलल

राजीव कुमार

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