काहें मन बइठल बाटे
कइसे दिल टूटल बाटे
काहें इ किस्मत आखिर
तोहरा से रूठल बाटे
दिल के लगा ल हमसे
हमके चोरा हमसे
हमरे आखीं मे दे ख
सब कुछ बता द हमसे
सब भुला के आजा प्यार क रे के
जान से भी ज्यादा प्यार क रे के
दरिया के धारा हटे
कवनो किनारा हटे
जिनगी ई जिनगी ना ह
टूटल सितारा हटे
रात अजोरा रही
नश्शा भी पूरा रही
तहार कवनो ना इंहवा
चाहत अधूरा रही
सब भुला के आजा प्यार क रे के
जान से भी ज्यादा प्यार क रे के
सांस रही जहिया ले
दुखो रही तहिया ले
केतना जी आजिज होई
अउरी होई कहिया ले
माचिस लगा द गम के
लगे बोलाल हम के
चाहत के सावन में अब
बिजली चमके त चमके
सब भुला के आजा प्यार क रे के
जान से भी ज्यादा प्यार क रे के
राजीव कुमार