Monday, November 30, 2020

जिनगी के चूल्हा के चइली ह खेती।

 जिनगी के चूल्हा के चइली ह खेती।

मत बुझिह  कागज के रद्दी ह खेती।


बोझा  त  माथे  के  पगड़ी  ह  अउरी।

हमनी  के  हाथे  के  मेहदी ह खेती।


कीमत  पसीना   के  मी ले  के  चाहीं।

फोकट  में करे  ला  थोड़ी  ह खेती।


रोपनी   सोहाई    कटाई   से  ले   के। 

चाउर  ह  आटा  ह  भूसी  ह  खेती ।


अइसन  ह ई  चाय  जीवन  के  जे में।

अदरक  ह  पत्ती  ह  चीनी  ह खेती।


खेती  किसानी    से  जे  दूर   बा   ऊ।

का  जानी  केतना  जरूरी ह  खेती।


हिम्मत  ह हर  काम  के  बाप  अउरी।

हर  कामयाबी  के   माई   ह  खेती।


राजीव कुमार


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