जिनगी के चूल्हा के चइली ह खेती।
मत बुझिह कागज के रद्दी ह खेती।
बोझा त माथे के पगड़ी ह अउरी।
हमनी के हाथे के मेहदी ह खेती।
कीमत पसीना के मी ले के चाहीं।
फोकट में करे ला थोड़ी ह खेती।
रोपनी सोहाई कटाई से ले के।
चाउर ह आटा ह भूसी ह खेती ।
अइसन ह ई चाय जीवन के जे में।
अदरक ह पत्ती ह चीनी ह खेती।
खेती किसानी से जे दूर बा ऊ।
का जानी केतना जरूरी ह खेती।
हिम्मत ह हर काम के बाप अउरी।
हर कामयाबी के माई ह खेती।
राजीव कुमार