Wednesday, November 30, 2022

भोजपुरी गीत बिहान

भोजपुरी गीत बिहान 

अपने ताकत के ना आजमावल गईल
हाथ से हाथ जे ना मिलावल गईल 
दिल में दियरी न जबले जरावल गईल
प्रेम के गीत मिल कि ना गावल गईल 
तबले सूरज से कहत रही आसमान 
कहिया होई बिहान 
कबले होई बिहान

खेत खलिहान में सब उजर जाई हो
सबके सपना भी आंखी में मर जाई हो 
घsर जर जाई बाचल रही बस महल 
ए मूसीबत के मीली ना कौनो बदल 
हथ मल के कही नौजवान आ किसान 
कहिया होई बिहान
कबले होई बिहान

मांग करब तू हक के त गाली मिली 
कब्बो गोली मीली कब्बो लाठी मिली 
अपने भय के मिटा  द जमाना मिली
ना त  ठेहा मिली ना ठिकाना मिली 
उठ के पुछे ला ना जे तू खोल ब जबान  
कहिया होई बिहान 
कबले होई बिहान

ए से पहिले अन्हरिया निगल जाये सब 
केहू पूछे की जीवन मिली हमके कब 
कबले घर होई कबले मिली नौकरी 
गांव में हमनी के कबले आई खुशी 
ना त जियते जी सब इंहवां होई जियान  
कहिया होई बिहान
कबले होई बिहान

राजीव कुमार

Tuesday, November 15, 2022

प्रभारी न्याय पंचायत कृषि

*प्रभारी न्याय पंचायत कृषि*

हर इक मुश्किल को‌ सहता है प्रभारी न्याय पंचायत
मगर हर काम करता‌ है‌ प्रभारी न्याय पंचायत

जहां तक जा नहीं सकती कोई गाड़ी सवारी भी।
वहां मौजूद रहता‌ है प्रभारी न्याय पंचायत

कभी साहब कभी जनता कभी नेताओं की खिच-खिच
सभी की बात सुनता है प्रभारी न्याय पंचायत

रसायन बीज यंत्रों और किसानों की जरूरत को।
हमेशा पूरा करता है प्रभारी न्याय पंचायत

ये सब स्टोर लेजर कैसबुक चालान और डीटू‌ 
इन्हीं में जीता मरता है प्रभारी न्याय पंचायत

जरूरत से जयादा बीज आवंटन अगर हो तो 
रीकवरी खुद से भरता है प्रभारी न्याय पंचायत

बिना एफटीए टैंकों चेक डामों के लिए हर दिन
पहाड़ों पर भटकता है प्रभारी न्याय पंचायत

इलेक्शन बीमा ट्रेनिंग आपदा शासन प्रशासन की
हर इक ड्यूटी में पिसता है प्रभारी न्याय पंचायत

कई पंचायतों के चार्ज हैं और एक स्कूटी।
बेचारा फिर भी चलता है प्रभारी न्याय पंचायत

न तो है सैलरी अच्छी ना ही है ओपीएस पेंशन।
अजी ऐसा ही होता है प्रभारी न्याय पंचायत।

राजीव कुमार
सहायक कृषि अधिकारी वर्ग 1
ओखलकाण्डा नैनीताल

सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे ।

ग़ज़ल सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे । आशिक वही जो दर्द में डूबा दिखाई दे जिसको यकीं नहीं है महब्बत में उसे भी मोहन के साथ ख़्वा...