Tuesday, August 5, 2014

कोई आवाज़ दे दे कर बुलाता है बुलाने दो /


ग़ज़ल की एक कोशिस ______

कोई आवाज़ दे दे कर बुलाता है बुलाने दो /
जुदा होना ही है गर तो जुदाई हो ही जाने दो/

दिवाने दिल को समझाना दिवाने जान लेते है /
जो रोते हैं मोहब्बत में उन्हें रोने दो गाने दो/

जो करना है करेंगे हम किसी से हम नहीं डरते /
कोई जालिम जमाने को बताता है बताने दो/

कभी गर्दिश कभी गुर्बत कभी अंजाम का खतरा /
मिया तुमसे नहीं होगा हमे ही दिल लगाने दो/

नहीं पाते है मंजिल जो फकत रस्ते पे बैठे है /
हमे चलना है रस्ते पर हमे रास्ता बनाने दो/

यहाँ पर कौन है सच्चा खता हर एक करता है /
है उंगली उसके जानिब भी उसे ऊँगली उठाने दो/

बिना नाकामियों के कामयाबी का मजा क्या है /
है लज्जत गिर की उठने में हमे भी आजमाने दो /

राजीव कुमार

सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे ।

ग़ज़ल सीने पे जख्म आंख में दरिया दिखाई दे । आशिक वही जो दर्द में डूबा दिखाई दे जिसको यकीं नहीं है महब्बत में उसे भी मोहन के साथ ख़्वा...