Saturday, June 7, 2014

हमें है खबर कि बीमार हो, दवा दिल की तुम भी लिया करो॥

आज की गजल उन्हे समर्पित जो दिल के करीब है। -———--------------------—--------------------
हमें है खबर कि बीमार हो, दवा दिल की तुम भी लिया करो॥ ये गजल नही है सूरुर है,इसे चुपके चुपके पिया करो। कभी जिन्दगी भी आजाब है ,कभी खुशनुमा सा ये साज है। कोई ख्वाब बन के मेरे सनम ,मेरे साथ तुम भी जिया करो ॥ ये हालात अपने नहीं तो क्या, ना खुदा से कोई गिला करो। वो रहीम है वो करीम है ,उसे सजदा तुम भी किया करो॥ वो खयाल जिन्दा है आज तक कि यहां नहीं तो वहां सही। वो हयात हो या हो जलजला मेरा साथ तुम भी दिया करो॥ मेरी राहतें मेरी चाहतें मेरी सांस सांस का सिलसिला ॥ मेरी आशिकी का हो नाम तुम मेरा नाम तुम भी लिया करो। ये फिजा हवा ये घटा चमन ये बहार और ये बिजलियां। इन्हे किस तरह से लिखुंगा मैं, जरा पर्दा तुम भी किया करो ॥ राजीव कुमार

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